सुखधाम कृष्ट आश्रम में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस
लीगल सर्विस अथारिटी तथा सोशल वेलफेयर सोसायटी ने वितरित किए फल
विश्व दिव्यांग दिवस पर जिला लीगल सर्विस अथारिटी के सचिव के.के. बांसल चीफ जुडिशियल मैजिस्ट्रेट के दिशानिर्देश अनुसार सोशल वेलफेयर सोसायटी फाजिल्का और लीगल सर्विस अथारिटी द्वारा स्थानीय सुखधाम कृष्टआश्रम में दिव्यांगों के साथ एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्यातिथि सोशल वेलफेयर सोसायटी फाजिल्का के संरक्षक गिरधारी लाल अग्रवाल, अध्यक्ष शशिकांत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्बजीत सिंह ढिल्लो, अवनीश सचदेवा, सुनील सेठी, समाजसेवी लीलाधर शर्मा, डिस्ट्रिक्ट लीगल अथारिटी के रिटेनर एडवोकेट राजेश कसरीजा, नितिश गांधी, गौरव शर्मा, श्रीमति मोनिका एवं श्वेता, पीएलवी इंद्रजीत सिंह व प्रीतम सिंह उपस्थित थे। अपने संबोधन में श्री अग्रवाल ने कहा कि दिव्यांग भले ही जन्मजात हों या वह किसी दुर्घटना या रोग के कारण आंशिक रूप से अक्षम हो गए हों तो फिर भी उन्हें मिल जुलकर कुछ ऐसे कार्य करने चाहिएं जिससे वह स्वास्लंबी बन सकें और अपने जीवनयापन के लिए आवश्यक आय अर्जित कर सकें। इसके लिए वह कागज के लिफाफे तथा कापियों किताबों की जिल्दें बांधने का कार्य भी कर सकते हैं। सोसायटी के अध्यक्ष शशिकांत ने दिव्यांग व्यक्तियों को सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी और अपने आश्रम में मिल-जुलकर साफ सुथरा रखने का परामर्श दिया। उन्होंने यह भी बताया कि इनमें किसी के भी रोग पीडि़त होने पर स्थानीय सिविल में जाकर अपना निशुल्क इलाज करवा सकते हैं। सोसायटी के उपाध्यक्ष सर्बजीत सिंह ढिल्लो ने कहा कि शेर भले कितना ही शक्तिशाली हो उसका अपना कोई घर नहीं बना हुआ और वह जंगल में ही विचरन करता रहता है परंतु ईश्वर ने मानव को बुद्धि दी और सभी अपने घरों में रहते हैं इसलिए उन्हें निराश होने की आवश्कता नहीं अपितु उन्हें अपने शरीर की कमी का बहादुरी से सामना करना चाहिए। लीगल एड के रिटेनर एडवोकेट राजेश कसरीजा ने बताया कि किसी भी स्थिति में किसी प्रकार की कानूनी सहायता की आवश्यकता हो तो उसके लिए जिला लीगल सर्विस अथारिटी की ओर से उन्हें हर प्रकार की सहायता मुफ्त में दी जाएगी। इस अवसर पर पीएलवी श्वेता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। पीएलवी इंद्रजीत सिंह जोकि स्वंय व्यिांग हैं, ने बताया कि उन्होंने अपने हौंसले तथा धीरज के साथ गणित तथा आईटी पास की हुई है लेकिन उन्होंने सरकार से दिव्यांग होने की किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं ली है। वह अपने आप को दिव्यांग नहीं समझकर एक साधारण सक्षम व्यक्ति की भांति जीवन यापन रखने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने सभी दिव्यांगों को प्रेरित किया कि वह भी अपनी स्थिति का मुकाबला बहादुरी से करें। सोशल वेलफेयर सोसायटी के सदस्य अवनीश सचदेवा ने अपना जन्मदिन इन दिव्यांगों के लिए केले बांटकर मनाया। जिला लीगल सर्विसिज अथारिटी की ओर से भी सभी दिव्यांगों को फल तथा बिस्किट वितरित किए गए।
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